सुरमई अखियों में नन्हा मुन्ना एक सपना दे जा रे

सुरमई अखियों में नन्हा मुन्ना एक सपना दे जा रे
निन्दिया के उदते पाखी रे, अँखियों में आजा साथी रे

रा री रा रम ओ रारी रम

सच्चा कोई सपना देजा
मुझको कोई अपना देजा
अनजाना सा मगर कुछ पहचाना सा
हल्का फुल्का शबनमी
रेशम से भी रेशमी
सुरमई ...

रात के रथ पर जाने वाले
नींद का रस बरसाने वाले
इतना कर दे की मेरी आँखें भर दे
आँखों में बसता रहे, सपना ये हँसता रहे
सपना यूँ चलता रहे
अँखियों में बसता रहे
सुरमई ...


Comments

Popular posts from this blog

दिल के टुकड़े टुकड़े करके , मुस्कुराते चल दिये

गोरी तेरा गाँव बड़ा प्यारा, मैं तो गया मारा

हो गोरिया रे, हो गोरिया रे