हो गोरिया रे, हो गोरिया रे
हो गोरिया रे, हो
गोरिया रे
तेरे आने से
सज गई हमरी ये टूटी फूटी नाव-2
नैया तो हमारा घर आँगना
इसी से ही
पाना और माँगना
गहरी नदी का
कोई न छोर
लहरों से
ज्यादा मनवा में शोर
ओ गोरिया रे
...
अपना तो नित यही काम है
आने जाने
वालों को सलाम है
कभी कभी आना
इस नाव में
इक घर तेरा
है मेरे गाँव में
ओ गोरिया रे
...
सब को किनारे पहुँचायेगा
माँझी तो
किनारा नहीं पायेगा
गोरी ये
दुआएं देना ज़रूर
माँझी से
मैया हो नहीं दूर
ओ गोरिया रे
...
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